थाना सम्मनपुर अंतर्गत ग्राम कज़पुरा में जुमे की नमाज़ के बाद शिया धर्मगुरु डॉ कल्बे सादिक़ के ईसाले सवाब की मजलिस हुई मजलिस को मौलाना ज़ैगम अब्बास बाक़री जलालपुरी ने सम्बोधित किया
मौलाना ज़ैगम अब्बास ने अपने सम्बोधन में कहा कि डॉ कल्बे सादिक़ साहब ने हमेशा इल्म को अहमियत दी. उनका सिद्धान्त था कम खाओ लेकिन अपने बच्चों को पढ़ाओ. उन्होंने हिंदू-मुसलमानों और शिया-सुन्नी के बीच किसी भी खायी को भरने के लिए मोहब्बत और एकता के पैग़ाम दिए. वो कहते थे कि अस्ल मजहब जोड़ता है तोड़ता नहीं है. कल्बे सादिक़ साहब बेहतरीन आलिम थे जो बात वो कहते थे पहले वो उस पर अमल करते थे ,सादिक़ साहब वक्त के पाबन्द थे इसके साथ-साथ कल्बे सादिक़ साहब को पूरी दुनिया आपसी भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम देते शिया धर्मगुरु के रूप में जानती थी। उन्होंने हर बात में शिक्षा को भी बढ़ावा दिया। विदेशों में मजलिस पढ़ने जाते थे और मोहब्बत का पैगाम देते थे। अंत में मौलाना ने कर्बला के मसाएब बयान किए जिससे तमाम चाहने वालों की आंखों से आंसू निकल पड़े. मजलिस में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.