सऊदी अरब के ज़ुल्म और बर्बरता के खिलाफ हम हमेशा आवाज़ बुलंद करेंगे- मौलाना ज़ैगम अब्बास बाक़री

अम्बेडकरनगर

8 शव्वाल को जन्नतुल बकी के विध्वंस के अवसर पर इमामे जुमा कजपुरा शिया धर्मगुरु मौलाना ज़ैगम अब्बास बाकरी ने सऊदी अरब के ज़ुल्म और बर्बरता के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

उन्होंने कहा कि जन्नतुल बकी का विध्वंस दिवस इतिहास का बहुत ही अफसोसनाक वाकिया है कि जिसके दाग अब तक हमारे दिलों पर हैं और ये दाग अभी मिटे नहीं है।

उन्होंने कहा कि जन्नतुल बक़ी में दस हज़ार से ज़्यादा कब्रे आले सऊद ने ध्वस्त कर दी.
उन्होंने कहा कि सऊदी हुकूमत ज़ालिम हुकूमत है जिसने आले रसूल, असहाबे रसूल और अज़वाजे रसूल की क़ब्रे धवस्त कर दी।


मौलाना ने कहा आज दो तरफ से मुसलमानों पर ज़ुल्म हो रहा है। एक तरफ से सऊदी ज़ुल्म कर रहा है और दूसरी तरफ से यहूदी ज़ुल्म और बर्बरता कर रहे है। दोनों का मक़सद एक है कि किस तरह मुसलमानो का नरसंहार किया जाये। यहूदी और सऊदी एक ही सिक्के के दो पहलू है । तकफीरियत और ज़ियोनिज़्म के विचार जुदा नहीं है। ये कभी एक दूसरे की निंदा नहीं करते। हमेशा एक दूसरे का समर्थन करते है। तकफ़ीरी सऊदी के इस्लाम विरोधी फतवो ने पूरी दुनिया में शिया और ग़ैर तकफ़ीरियों के खिलाफ ज़ुल्म और हिंसा को बढ़ावा दिया है। शियो की टारगेट किलिंग इन्ही के फतवो की बुन्याद पर की जा रही है। जैसा के अभी काबुल में देखा गया है जहा मासूम बच्चो के स्कूल पर भयानक हमला किया गया। दाइश जैसी आतंकवादी संगठन को यहूदियों और ज़ियोनिस्ट ने ही जन्म दिया था ताकि इस्लाम के नाम पर आतंकवाद फैलाया जाये और तथाकथित मुसलमानों के हाथों मुसलमानों का नरसंहार किया जाये। इसी नज़रिये के तहत उन्होंने जन्नतुल बक़ी में पवित्र मज़ारात को धवस्त किया था जिसमे रसूल की इकलौती बेटी जनाबे फातिमा ज़हरा स.अ , औलादे रसूल , आइम्मा-ए-मासूमीन , अस्हाबे किराम और सालेहीन की क़ब्रे थी।

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