
अम्बेडकरनगर- सम्मनपुर थाना अंतर्गत कजपुरा जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना सैयद इंतेज़ार मेंहदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा क़ुद्स दिवस, असत्य के ख़िलाफ़ सत्य की जंग का प्रतीक है और इस दिन के निर्धारण का लक्ष्य, फ़िलिस्तीन की आज़ादी की उमंग को व्यवहारिक बनाना है।
उन्होंने इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह की ओर से विश्व क़ुद्स दिवस के निर्धारण को एक सफल चयन बताया और कहा कि यह दिन, बैतुल मुक़द्दस के निरंतर संघर्ष की ओर सबका ध्यान आकर्षित करता है। उन्होंने सभी फ़िलिस्तीनी इलाक़ों की आज़ादी को इस्लामी जगत का बुनियादी मामला बताया और कहा कि बैतुल मुक़द्दस, मक्के और मदीने के बाद पूरी दुनिया के मुसलमानों का सबसे पवित्र स्थान है।
मौलाना ने कुछ अरब देशों द्वारा ज़ायोनी शासन से संबंध स्थापित किए जाने की निंदा की और कहा कि ये देश, इस्लामी जगत के मूल सिद्धांतों के दायरे से निकल चुके हैं और मुस्लिम समुदाय से विश्वासघात करने वालों की पंक्ति में शामिल हो गए हैं।
मौलाना ने कहा कि अवैध क़ब्ज़ा करने वालों के बारे में हमारी ज़िम्मेदारी यह है कि उन्हें अपनी धरती से निकाल बाहर करें न यह कि उनके साथ दोस्ती करें और उनसे संबंध स्थापित करें।