वक़्त का यज़ीद है वसीम रिज़वी- मौलाना शारिब अब्बास

अम्बेडकरनगर- मालीपुर थाना अंतर्गत रसूलपुर बाकरगंज गांव में जर्रार हुसैन मरहूम के ईसाले सवाब की मजलिस को सम्बोधित करते हुए मौलाना शारिब अब्बास वाइज़ ने कहा कि वसीम रिज़वी शिया- सुन्नी झगड़ा कराना चाहता था लेकिन आज पूरी दुनिया में शिया-सुन्नी एकता यह दर्शाती है कि जब हमारी पवित्र क़ुरआन एक है हमारे नबी स. एक हैं हमारा काबा एक है तो हम अलग-अलग क्यों होगें.उन्होंने कहा कि वसीम वक़्त का यज़ीद है क्योंकि यज़ीद ने भी क़ुरआन का इनकार किया था मौलाना ने कहा कि वसीम रिज़वी शियत को कलंकित कर रहा है उन्होंने कहा कि वसीम जेल से बचने के लिए ऐसे क़दम उठा रहा. उन्होंने कहा जहां जिलाहत है वहां वसीम है अगर इसे इल्मे क़ुरआन होता तो कभी ख़िलाफ़े कुरान न जाता। मौलाना ने कहा कि नौजवानों को शिक्षा पर ध्यान देने की ज़रूरत है आज हमारा नौजवान शिक्षा से बहुत दूर है मौलाना ने कहा कि सभी नौजवानों को चाहिए अच्छी शिक्षा ग्रहण करें और आईएस ,पीसीएस बनें जिससे क़ौम आगे बढ़े क्योंकि आज क़ौम को पढ़े लिखे लोगों की ज़रूरत है अंत में मौलाना ने कर्बला के मसाएब पढ़े जिससे तमाम चाहने वाले रो पड़े. मजलिस में बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे…

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