माता-पिता की सेवा इंसान को स्वर्ग में ले जाएगी – मौलाना सै. अकबर मेंहदी

अम्बेडकरनगर के नसीराबाद में सय्यद अबुल क़ासिम मरहूम के चालीसवें की मजलिस आयोजित हुई मजलिस को सबोधित करते हुए मौलाना सय्यद अकबर मेंहदी ने कहा मां-बाप दो अनमोल रत्न हैं दोनों की हिस्सेदारी बराबर की है इसलिए इंसान को चाहिए कि अगर माँ-बाप दुनिया में जीवित हैं तो उनकी सेवा करे उनको किसी भी तरह की तकलीफ न पहुंचाए और अगर दुनिया से गुज़र गए हैं तो उनके लिए ज़्यादा से ज़्यादा ईसाले सवाब करे। उन्होंने कहा कि वालिदैन के खुश होने से अल्लाह खुश होता है और जिसने अपने वालिदैन को नाराज़ किया उससे अल्लाह भी नाराज़ हो जाता है क्योंकि वालिदैन से ही हमारा वजूद है. मौलाना ने कहा माँ के कदमों के नीचे जन्नत है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बाप को छोड़कर जन्नत की लालच में सिर्फ माँ की ही खिदमत में लग जाएं और बाप को छोड़ दें, ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाप का मर्तबा कम नहीं है सभी को चाहिए कि अपने वालिदैन के खिदमतगुज़ार बनें जिससे वालिदैन भी खुश हो और अल्लाह भी खुश हो। वहीं दूसरी मजलिस मुज़फ्फर नगर से आए मौलाना मुज़फ्फर हसन ने सबोधित की. मजलिस से पूर्व सोज़खानी मौलाना क़ासिम मेंहदी व हमनवा ने की. मजलिस में बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।

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