अंबेडकरनगर- रौज़ए इमाम हुसैन अ.स कजपुरा में तौफीक हुसैन मरहूम के ईसाले सवाब की मजलिस आयोजित हुई जिसको मौलाना सय्यद अकबर मेंहदी ने सम्बोधित किया. मौलाना ने अपने सम्बोधन में कहा कि किसी मुल्क में दूसरे मुल्क का परचम नहीं लगा सकते यह क़ानून के खिलाफ है जिस मुल्क में रहिए उसी मुल्क का परचम लगाइये लेकिन यह एकलौता परचम है ग़ाज़ी अब्बास का जो हर मुल्क में लहरा रहा है क्योंकि हर हुकूमत जानती है इससे वफ़ा की खुशबू आती है बाकी कोई भी परचम हो उससे बग़ावत की बू आती है। वहीं मौलाना ने कहा कि हज़रत अब्बास अ.स की माँ जनाबे उम्मुल बनीन के वसीले से हम दुनिया और आख़ेरत दोनों को हासिल कर सकते हैं ईरान और इराक़ वग़ैरा में लोग नज़्र मानते हैं कि शहज़ादी अगर हम कामयाब हो गए या हमारी मुश्किल हल हो गई तो हम आपका दस्तरख्वान करेंगे.उन्होंने कहा कि आज वो कामयाब हैं इसी वसीले के ज़रिए। जनाबे उम्मुल बनीन के वसीले से कोई भी नज़्र माने इंशाअल्लाह इंसान मन्ज़िल तक ज़रूर पहुंचेगा। मजलिस से पूर्व सोजखानी मौलाना सै. क़ासिम मेंहदी व हमनवा ने किया।
